Hyundai की i10 सीरीज़ ने एक नया ऐतिहासिक माइलस्टोन छुआ है – पूरी दुनिया में इस मॉडल की 3.3 मिलियन (33 लाख) यूनिट्स बिक चुकी हैं, जिसमें सिर्फ भारत में ही 2 मिलियन (20 लाख) से ज्यादा कारें शामिल हैं। यह Hyundai के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय ऑटो इंडस्ट्री के लिए भी बड़ी उपलब्धि है।

कैसे i10 बनी “भारत की ग्लोबल कार”
Hyundai ने i10 को साल 2007 में पहली बार भारत में लॉन्च किया था। आज 18 साल बाद यह कार तीन जेनरेशन — i10, Grand i10 और Grand i10 NIOS — में उपलब्ध है। टॉप मार्केट्स में भारत के अलावा साउथ अफ्रीका, मेक्सिको, चिली और पेरू प्रमुख हैं[8][3]।
– भारत में बिक चुकीं: 20 लाख से ज्यादा यूनिट्स
– 140+ देशों में 13 लाख यूनिट्स एक्सपोर्ट
– हर साल औसतन 1 लाख यूनिट की बिक्री
Hyundai की “Make in India, Made for the World” नीति के तहत बनी i10 अब तक 140 से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट हुई है — और Hyundai भारत की सबसे बड़ी पैसेंजर कार एक्सपोर्टर बन चुकी है।
भारतीय बाज़ार के लिए क्या है ख़ास
i10 से लेकर Grand i10 NIOS तक, ब्रांड ने हर सेक्टर की जरूरत के हिसाब से वेरिएंट लॉन्च किए:
– 1.2-लीटर Kappa पेट्रोल मैनुअल
– 1.2-लीटर Kappa AMT
– 1.2-लीटर Kappa Bi-Fuel (CNG)
इनमें 91.3% लोकलाइज़ेशन (स्थानीय पार्ट्स) है, जिससे कार किफायती, टिकाऊ और सर्विस में सस्ती बनी रहती है।

पहली पसंद बने नए खरीदारों की
2024-25 में Grand i10 NIOS खरीदने वाले 45% कस्टमर फर्स्ट-टाइम बायर्स थे — यानी यह कार पहली पसंद बन चुकी है। 83% खरीदार विवाहित, यानी परिवारों में भी ब्रांड को जबरदस्त भरोसा है।
Gujarat, Maharashtra, Haryana — ये टॉप स्टेट्स हैं जहाँ Grand i10 NIOS सबसे ज्यादा पसंद की गई।
फीचर्स और टेक्नोलॉजी: कॉम्पेक्ट कार में “प्रीमियम” फील
Grand i10 NIOS में मिलता है:
– स्टैंडर्ड 6 एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS)
– 8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट, ऐंड्राइड ऑटो/ऐप्पल कारप्ले
– वायरलेस फोन चार्जर, दमदार साउंड सिस्टम
Hyundai की क्वालिटी और फीचर्स ने इसे फैमिली कार, शहरी प्रोफेशनल्स और नए बायर्स — सभी की पहली पसंद बना दिया है।
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एक्सपोर्ट में भारत का योगदान और फ्यूचर प्लान
i10 की 20% से ज्यादा सेल्स सिर्फ एक्सपोर्ट से आती हैं। इस सफलता को आगे बढ़ाने के लिए ब्रांड महाराष्ट्र में नई फैक्ट्री शुरू करने जा रही है, ताकि विश्व स्तर पर “Make in India” का डंका और ज़ोर से बजे।
Hyundai के मैनेजिंग डायरेक्टर Mr. Unsoo Kim के अनुसार, “i10 की यह उपलब्धि हमारे ग्राहकों के भरोसे, भारतीय निर्माण की ताकत और ग्लोबल मोबिलिटी सॉल्यूशन के प्रति हमारी निष्ठा का प्रमाण है।”
ग्लोबल सक्सेस के पीछे कारण
– 91% से ज्यादा लोकलाइजेशन — कस्टमाइज़्ड फीचर्स, किफायती प्राइस
– मजबूत डीलर नेटवर्क, हाई क्वालिटी सर्विस
– फ्यूल एफिशियंसी, सिंपल डिजाइन और दमदार परफॉर्मेंस
– किफायती सर्विस और स्पेयर सपोर्ट
– लगातार फीचर्स अपग्रेड

निष्कर्ष: i10 – हर पीढ़ी की कार
Hyundai i10 की 3.3 मिलियन ग्लोबल सेल्स एक नए मुकाम का संकेत है — कि भारतीय निर्माण, डिज़ाइन, क्वालिटी और भरोसा अब पूरी दुनिया में मान्यता पा रहा है।
अगर आप भी कॉम्पेक्ट, प्रैक्टिकल, सेफ और “वैल्यू फॉर मनी” कार की तलाश में हैं, तो i10 की किसी भी जेनरेशन पर भरोसा किया जा सकता है।

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